हेडी अपने स्टूडियो ट्रेलर में बैठी हुई थी। वह उसके चाहनेवालों द्वारा भेजे हुए गुलाब के दर्जनों गुलदस्तों से भरा हुआ था। मगर काम से कुछ पल का समय जो उसे मिला था, उसका आनंद लेने के बजाय, उसके दिमाग़ में नए-नए आईडिया आ रहे थे, जैसा की अक्सर होता था।
“हेडी, तुम एक कमाल की अदाकारा हो,” लोग उसकी सुंदरता की तारीफ़ करते और अक्सर ऐसा कहते। “अपना चेहरा तो देखो! और तुम्हारी ज़िंदगी भी तो कितने विलास से भरी हुई है!
मगर हॉलीवुड की फ़िल्मों में काम करना, हालांकि बहुत रोचक था, मगर हेडी और उसके तेज़ दिमाग़ के लिए कभी काफ़ी नहीं था। “ऐसा है, मगर कभी कभी मुझे बस कोई नई चुनौती चाहिए होती है,” वह हमेशा यही जवाब देती।
कुछ दिन बाद, उसके दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी। इस बार वह कोई सहायक नहीं था जो यह कहने आया हो की उसे स्टेज पर बुला रहे हैं। ना ही ‘विश्व सुंदरी’ के लिए कोई गुलाबों का गुलदस्ता आया था। नहीं, इस बार यह एक तोहफ़ा था जिसने उसे बेहद उत्साहित कर दिया। यह एक आविष्कार करने की टेबल थी जिसे वह अपने साथ लेकर घूम सकती थी, जो उसे एक दोस्त ने दी थी। उसने ध्यान से उसकी पैकिंग खोली।
उसके पास घर पर एक बड़ा ड्राफ्टिंग टेबल था, जिस पर वह अपने कई आविष्कारों की डिज़ाइन बनाती थी। अब वह फिल्म की शूटिंग के बीच लंबे इंतज़ार के समय में अपने ट्रेलर में भी काम कर सकती थी। वह बहुत खुश थी! वह तुरंत बैठ गई और स्केच बनाना शुरू कर दिया।
हेडी को हमेशा से विज्ञान और तकनीक में दिलचस्पी थी, लेकिन उसका अभिनय करियर आगे निकल गया था। लोग हमेशा यही मानते थे कि एक खूबसूरत और रौशन जिंदगी जी रही थी, जिसमें थीं महफ़िलें और सुंदर…