एक समय की बात है, एक छोटे से घर में एक औरत और उसकी तीन बेटियां रहती थीं। बड़ी दो बेटियां बहुत मेहनती थीं। वे बिना कोई शिकायत घर के हर काम को करती थीं। लेकिन सबसे छोटी बेटी काम को लेकर बिल्कुल भी उत्साहित नहीं रहती थी। असल में वह बहुत आलसी थी।
एक दिन एक सुंदर लड़का उनके घर आया। वह अपने लिए एक दुल्हन की तलाश में था। उसने दरवाजा खटखटाया और सभी का अभिवादन किया। उसने देखा कि मां चूल्हे पर स्वादिष्ट सूप बना रही थी । जहां दो बड़ी बहनें बहुत मेहनत और लगन से लंबे रेशों को कात रही थीं, यानि धागों में बदल रहीं थीं। वहीं पर सबसे छोटी बेटी हैना चूल्हे के पीछे बैठी अपने नाखूनों को ठीक कर रही थी।
युवा लड़के को यह देख हैरानी हुई और वह बोला, “आप अपनी सबसे छोटी बेटी से काम क्यों नहीं करवा रहीं? क्या वह खाना नहीं बना सकती या सफाई नहीं कर सकती? क्या वह अपनी बहनों की तरह अच्छी तरह से कताई नहीं कर सकती?”
मां ने सोचा कि अगर आलसी, सारा दिन खाली बैठे रहने वाली हैना से छुटकारा मिल जाए तो इससे बड़ी खुशी की बात और क्या होगी, इसलिए उसने जल्दी से एक कहानी बनाई।
उसने सिर हिलाते हुए कहा, "मैं उसे धागे बनाने के लिए तुरंत तकली दे सकती हूं। लेकिन वह इतनी बढ़िया कातती है कि हमारे पास जो कुछ भी है, वह सब कुछ फटाफट कात देगी।"
वह आगे बोली, सिर्फ़ धागा ही नहीं, बल्कि छत का पुआल और खेत के गट्ठर भी। इतना ही नहीं अगर मैं उसे अपने बाल भी दे दूं तो वह मेरे बाल भी कात सकती है। और फिर हम क्या करेंगे? नहीं, उसे कोई काम न देना ही बेहतर है।"
लड़के ने हैरानी से लड़की को देखा, लेकिन…