कई बार ऐसा होता है कि पूरा दिन खेल-कूद और बहुत कुछ करने के बाद भी, हमें रात को बिल्कुल नींद नहीं आती। लेकिन नींद बहुत ज़रूरी है। नींद हमें अगले दिन के लिए नई शक्ति देती है। हमारे पूरे शरीर को चलाने के लिए जिस आराम की जरूरत होती है, वो भी नींद से ही मिलता है। लेकिन कई बार ये आराम का समय वो छोटा शरारती नोम ख़राब कर देता है, जो हमारे दिमाग में रहता है। नोम यानी लोककथाओं वाला एक छोटा, बौना सा आदमी जिसकी दाढ़ी है और जिसने नुकीली सी टोपी पहनी है।
वो बिल्कुल सोना नहीं चाहता, इसलिए वो लगातार भागता रहता है, यहां से वहाँ दौड़ लगाता रहता है जिससे हमारे दिमाग में हर तरह के विचार आते रहते हैं। इसलिए ज़्यादा देर सोने और आराम करने के बजाय, वो हमें नए-नए विचार या योजनाएं भेजता रहता है।
आज हम साथ में मिलकर ये सीखेंगे कि सबसे पहले इस बौने को कैसे सुलायें क्योंकि जैसे ही ये सोएगा,हम भी उतना ही आराम से और जल्दी सो पाएंगे।
सबसे पहले, अपने पलंग पर आराम से बैठें। गहरी साँस लें और फिर छोड़ें। सोचें आप कितना अच्छा और आरामदायक महसूस कर रहें हैं। अपनी आँखें बंद करें और कल्पना कीजिए कि आप एक रेलगाड़ी में चढ़ रहें हैं। इस रेलगाड़ी को इस बौने के घर का रास्ता अच्छे से पता है। पहिए घूम रहें हैं, रेलगाड़ी चल रही है और आप तेज़ गति से ग्रामीण इलाकों से गुज़र रहें हैं। ये बिल्कुल भी दूर नहीं है, आप बस पहुंचने ही वाले हैं। रेलगाड़ी रुकती है और आप उसमें से बाहर निकलते हैं। आपको उस बौने का दरवाज़ा दिखाई देता है, आप उस दरवाज़े को ध्यान से खोलते हैं, पर वहां तो नींद का नामो-निशान तक नहीं। शरारती बौना चारों तरफ़ भाग रहा है,…