Marian Dyno Buric
छोटी रेलगाड़ी के सुनहरे दिन लौटे!
पुरानी चीज़ों की जगह नई चीज़ें लाना हमारी आदत में शामिल है – ऐसी चीज़ें जो ज़्यादा अच्छी और आधुनिक हैं। एक पुरानी रेल गाड़ी को भी यही सीखने को मिला, लेकिन एक मुश्किल तरीके से। वह नए ज़माने की माँगों को पूरा नहीं कर पाई और उसकी जगह बेहतर, उच्च-गति की रेलगाड़ियों ने ले ली। निष्ठापूर्वक की गई वर्षों की सेवा के बाद, छोटी रेलगाड़ी को डिपो के एक ठंडे और अंधेरे कोने में ऐसे छोड़ दिया गया, जैसे वह केवल जंग लगा हुआ बेकार धातू का टुकड़ा हो। अब वह सिर्फ उन खुशहाल दिनों को याद करती है, जब वह परिवारों और बच्चों को पहाड़ों की सैर पर ले जाया करती थी। या फिर… क्या अभी भी कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे इस पुरानी रेलगाड़ी के भाग्य की परवाह है? इस कहानी में आप यह जान पाएंगे।







