सोनिया छोटे बच्चों के स्कूल जाती है। उसके घुंघराले बाल हैं और उसकी माँ अक्सर उसकी चोटियाँ बनाती हैं। हर रोज़ सोनिया अपनी दो गुड़ियों रिंकी और पिंकी का बहुत ध्यान रखती है। लेकिन उसे सबसे ज़्यादा जिस चीज़ का इंतज़ार है, वो है एक असली बच्चे की देखभाल करने का, और साथ ही अपनी गुड़ियों की भी!
उसके माँ-पिताजी ने उसे बताया है कि जल्द ही उसके घर एक नन्हा मेहमान आने वाला है – उसका छोटा भाई।
रात को सोने से पहले, सोनिया ने उत्सुक होकर अपनी माँ से पूछा, "माँ, मेरा छोटा भाई कब पैदा होगा?"
उसकी माँ ने मुस्कुराते हुए अपने गोल पेट की तरफ देखा और कहा, "पता नहीं, लेकिन बहुत जल्द, मेरी प्यारी बिटिया। अब सो जाओ और मीठे सपनों में खो जाओ," कहकर उन्होंने उसे प्यार से चूमा। फिर उन्होंने कमरे की बत्ती बुझाई और वहाँ से बाहर चली गईं।
सोनिया अपनी नर्म रज़ाई में लिपटी, अपनी दोनों प्यारी गुड़ियों को गले लगाकर तुरंत सो गई।
सुबह अचानक एक अजीब आवाज़ से सोनिया की नींद खुली। उसे ऐसा भी लगा जैसे कहीं से सायरन की तेज़ आवाज़ आ रही हो। वह झटपट बिस्तर से कूदी और खिड़की से नीचे झांकने लगी। सच में घर के बाहर एक एंबुलेंस खड़ी थी, और एक सफेद कोट पहना आदमी उसकी माँ का हाथ पकड़कर उन्हें अंदर बैठने में मदद कर रहा था!
सोनिया घबराकर कमरे से बाहर भागी। उसने देखा कि उसके पिताजी भी तैयार होकर बाहर निकल रहे थे। उन्होंने जैकेट और जूते पहन रखे थे, लेकिन आज जब उन्होंने सोनिया को देखा तो उनके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी।
उन्होंने जल्दी से कहा, "मैं माँ के साथ जा रहा हूँ, चिंता मत करो। मैं जल्दी वापस आऊँगा। दादी रसोई में तुम्हारा इंतज़ार कर रही हैं, उन्होंने तुम्हारे लिए नाश्ता बनाया है।" और फिर…