सुबह का समय था, पंछी अभी भी नींद में थे और बस धीरे-धीरे चहचहाना शुरू कर रहे थे। जहाँ तक मुर्गों की बात है, तो वे गहरी नींद में थे — जैसे अब भी आधी रात हो। लेकिन वहीं रूडी पहले से ही बिना थके सड़कों पर घूम रहा था। वह थोड़ी आवाज़ कर रहा था और उस पर धूल भी लगी हुई थी, लेकिन इसमें उसका कोई दोष नहीं था — क्योंकि रूडी एक कचरा उठाने वाला ट्रक है। या फिर कहें, एक छोटी कचरा गाड़ी। उसके माता-पिता, जो कचरा उठाने वाले बड़े ट्रक हैं, पूरे शहर की सफाई का काम देखते थे, और रूडी को उनकी मदद करने में बहुत खुशी मिलती थी। उसके माता-पिता के ट्रकों में बड़े कूड़ेदानों का कचरा डाला जाता था, और रूडी छोटे कूड़ेदानों से कचरा उठाता था। उसे ये काम बहुत पसंद था। जब उसके पात्र में एक के बाद एक कूड़ेदान खाली होते, तो उसके पेट में मौजूद इंजन खुशी से घूमते हुए गुनगुनाने लगता। पूरे समय, घर की खिड़कियों से बच्चे उसे देखकर ख़ुशी से हाथ हिलाते थे।
जब उसकी सुबह की सफाई पूरी हुई, तो रूडी अपने पात्र में भरा कचरा लेकर भराव क्षेत्र की ओर चल पड़ा। भराव क्षेत्र या लैंडफिल वो जगह होती है जहाँ एकत्रित किया गया कचरा गहरे गड्ढों या निचले स्थानों में भरा जाता है। रूडी मुख्य प्रवेश द्वार के पास पहुँच ही रहा था, कि उसने चौकीदार और अपने पिता को बात करते सुना।
"तो, क्या यहाँ कोई खास ट्रक आ रहे हैं?" उसके पिता ने पूछा।
"हाँ, और वो प्लास्टिक और कागज़ की चीज़ों को अलग-अलग इकट्ठा करेंगे," चौकीदार ने कहा।
रूडी का दिल बैठ गया। ख़ास ट्रक? प्लास्टिक और कागज़ अलग-अलग? ये प्लास्टिक और कागज़ क्या होते हैं? इन सवालों से उसे उलझन महसूस होने लगी, तो उसने अपने पात्र…