एक बार की बात है, एक बड़ा मतलबी बैल था, जिसका नाम था एंटन। वह बहुत शक्तिशाली था। उसके बड़े- बड़े सींग और मज़बूत खुर थे। जब भी वह अपने से छोटे या किसी कमज़ोर से मिलता, तो वह उन्हें देख खुर पटकता और नाक फुलाता ताकि वे उससे डर कर रहें।
एक दिन, एक बड़े फार्म से थोड़ा आगे, एंटन एक चरागाह में चर रहा था। वह ख़ुशी से ताज़ी घास चबा रहा था और अपनी पीठ पर बैठने वाली मक्खियों को डरा कर भगाने के लिए अपनी पूँछ हिला रहा था।
तभी एक छोटी-सी भूरे रंग की चुहिया ने जिसका नाम मिकी था, ज़मीन के ऊपर अपना सिर निकाला। जैसे ही उसने घास चरते बैल को देखा, वह कूदकर अपने बिल से बाहर आई और लंबी-लंबी घास के बीच से उछलती-कूदती सीधे एंटन की तरफ़ चल पड़ी।
जब चुहिया मिकी, बैल एंटन के पास पहुँची तो वह फटाफट उसकी टांग पर चढ़ गई। फिर वह उसकी पीठ पर चढ़कर उसके सिर पर कूद गई और फिर बड़ी बेरहमी से एंटन की नाक काट ली। एंटन दर्द के कारण ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाया। एंटन की नाक बहुत नाज़ुक थी। मिकी थी तो बहुत छोटी, लेकिन उसके काटने से एंटन को सच में बहुत ज़्यादा दर्द हुआ। जैसे ही मिकी ने उसे काटा, वह तुरंत नीचे घास पर कूद गई और खिलखिलाते हुए दूर भाग गई। एंटन को बहुत गुस्सा आया। जैसे ही उसे मिकी दिखी, वह उसके पीछे दौड़ पड़ा और जल्दी ही बिलकुल उसके पास पहुँच गया। एंटन लगभग मिकी को पकड़ उसे अपने सींग से मारने ही वाला था कि तभी फुर्तीली मिकी अचानक एक तरफ कूद गई और दीवार की एक दरार में गायब हो गई। बैल गुस्से से हाँफने लगा और अपने खुरों को ज़मीन पर ज़ोर-ज़ोर से पटकने लगा, लेकिन वह…