नील को हमेशा से हवाई जहाज़ बहुत पसंद थे। उसने दो साल की उम्र में पहली बार हवाई जहाज़ देखा था, जब उसके पिताजी उसे एक हवाई रेस दिखाने ले गए थे। तब से नील घर में अपने हाथ फैलाकर हवाई जहाज़ की तरह दौड़ता रहता। धीरे-धीरे, उसका कमरा तरह-तरह के हवाई जहाज़ के मॉडलों से भर गया। उसके माता-पिता भी कभी कोई एय़र शो या विमानन से जुड़ा कार्यक्रम छोड़ते नहीं थे और नील को वहाँ जरूर ले जाते थे।
कुछ साल बाद जब उसके दो छोटे भाई-बहन पैदा हुए, तो उसके माता-पिता के पास नील के शौक के लिए पहले जितना समय नहीं होता था। अब वे हर हवाई कार्यक्रम में उसे नहीं ले जा पाते थे। नील इस बात से उदास था, पर वह समझता था। उसे अपने छोटे भाई-बहन के साथ खेलना अच्छा लगता था, और वह इस बात को लेकर उत्साहित था कि जब वे बड़े होंगे, तो वे सब मिलकर हवाई जहाज़ खेल सकेंगे।
जब नील छह साल का हुआ, तो उसके पिताजी ने एक अनोखे उपहार के साथ उसे आश्चर्यचकित करने की योजना बनाई। वे उसे एयरपोर्ट लेकर गए। जैसे ही वे एयरपोर्ट के पास पहुँचे, नील खुशी से चिल्लाया, “पिताजी देखो! वो तो बोइंग 307 है! और उसके पास फोर्ड प्लेन खड़ा है, और उसके पीछे एक और बोइंग विमान! इतने नज़दीक से देखना कितना शानदार लग रहा है!”
उसके पिताजी मुस्कुराते हुए बोले, “हम अभी तो वहाँ पहुँचे भी नहीं हैं।”
असल में, नील को पता ही नहीं था कि दर्शनीय स्थानों का दौरा कराने वाला विमान उनका इंतज़ार कर रहा था। उन्होंने अपनी कार खड़ी की, नील और उसके पिता विमान में चढ़े, और सीट पर बैठकर अपनी सीट बेल्ट बाँध ली। पायलट ने जल्द ही उड़ान की घोषणा की और विमान उड़ने के लिए तैयार होने लगा।…