हमारी कहानी बहुत पहले की है, जब शैतान अभी युवा था और मज़े के लिए बुरी चीज़ें बनाता रहता था। एक दिन उसने एक अजीब आईना बनाया। देखने में तो वह आम सा लगता था, लेकिन उसमें बहुत सारी बुराई छिपी हुई थी। जो भी उसमें देखता, उसे दुनिया के सिर्फ बुरे पहलू ही दिखाई देते। इससे भी बुरा यह था कि वह लोगों को निष्ठुर बना देता और पूरी दुनिया को एक बर्बाद जगह बना देता।
चालाक शैतान को अपनी नई रचना बहुत पसंद आई और वह चाहता था कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग उसमें झाँकें। वह अपने मन में युद्ध और नफरत की कल्पनाएँ करता। इसी सोच में डूबा हुआ, वह उस आईने को आसमान में ऊँचा उड़ाकर ले गया। उसका प्लान था कि जो भी ऊपर आसमान की ओर देखेगा, वह उस आईने को देखेगा। लेकिन जैसे-जैसे वह ऊँचा उड़ता गया, आईना और भारी होता गया। जल्द ही वह उसे थाम नहीं पाया और आईना उसके हाथ से फिसल गया। वह ज़मीन पर गिरा और लाखों छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट गया।
आईने के कुछ टुकड़े एक छोटे से कस्बे में गिरे, जहाँ दो बहुत अच्छे दोस्त रहते थे – एक लड़का जिसका नाम काय था और एक लड़की जिसका नाम गर्डा था। वे दोनों अपने पूरे जीवन एक-दूसरे के पड़ोस में रहते आए थे और एक-दूसरे से बिल्कुल अलग नहीं होते थे। वे दिनभर साथ खेलते, एक-दूसरे से अपनी बातें साझा करते और सबसे ज़्यादा उन्हें अपने छोटे से बग़ीचे की देखभाल करना पसंद था।
उस आईने के टूटने के बाद की ठंडी सर्दी की सुबह, काय और गर्डा बर्फ के गोले बना-बनाकर खेल रहे थे। बहुत ठंड होने के बावजूद वे हँस रहे थे और खेल रहे थे, और बर्फ के मज़ेदार खेल की खुशी से उन्हें गर्माहट मिल रही थी। कुछ देर बाद, गर्डा…