छोटे स्टीवी को तारों से बहुत प्यार था। वह उनके बारे में सपने देखता था, उनके बारे में पढ़ता और तारों से जुड़ी जो भी चीजें उसे मिलती, उन्हें देखता था। उसका कमरा सिर्फ उसी के लिए गहरे नीले रंग से रंगा गया था। छत पर अँधेरे में चमकने वाले तारे लगे थे और ग्रहों के घूमते हुए सुंदर मॉडल लटक रहे थे।
एक दिन उसकी माँ ने उससे कहा,
“स्टीवी, क्या तुम्हें पता है कि एक बहुत प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे उनका नाम भी स्टीफन था? उन्हें भी तारों से बहुत प्यार था, बिल्कुल तुम्हारी तरह! और उन्हें खास तौर पर ब्लैक होल बहुत पसंद थे।”
स्टीवी उत्साह से सुन रहा था। उसकी माँ ने उसे किताब में प्रसिद्ध वैज्ञानिक, स्टीफन हॉकिंग की तस्वीरें दिखाईं। स्टीवी बहुत खुश हुआ कि कोई महान व्यक्ति उससे इतना मिलता-जुलता है। अब उसकी सबसे पसंदीदा चीज़ बन गई — ब्लैक होल के बारे में सब कुछ जानना।
ब्लैक होल उसे बहुत रहस्यमय, अजीब और अंतरिक्ष की सबसे उत्सुक चीज़ लगते थे। उसे वे बेहद शानदार लगते थे, इसलिए वह हर किसी को उनके बारे में बताता रहता था।
एक दिन वह अपने दादाजी जॉन के साथ पॉपकॉर्न बना रहा था। उसने कहा, “क्या आपको पता है कि ब्लैक होल काले नहीं होते? वे दिखते ही नहीं, क्योंकि वे अपने आसपास की हर चीज़ को खा जाते हैं! वे तो रोशनी तक को निगल लेते हैं, इसलिए हम उन्हें देख नहीं सकते।”
दादाजी ने मुस्कुराते हुए पूछा, “अच्छा? तो अगर वे दिखाई नहीं देते, तो हमें कैसे पता चलता है कि वे वहाँ हैं?”
स्टीवी ने तुरंत जवाब दिया, “क्योंकि उनके आसपास के तारे, धूल और यहाँ तक कि पूरी आकाशगंगाएँ भी गायब होने लगती हैं। जहाँ ब्लैक होल होता है, वहाँ एक खाली जगह बन जाती है!”
अगले दिन वह अपनी…