Tereza Sebesta
एक नदी की कहानी
मिलिए एक दोस्ताना नदी से, सुनिए इसकी कहानी और इसके साथ गाँवों-खेतों से होते हुए इसके शानदार सफ़र पर चलिए। यह सोने से पहले की एकदम सही शांत और सुंदर कहानी है जो बच्चों को प्रकृति के जल चक्र के बारे में सिखाती है।


एक शाम, काली चींटियों का एक झुंड अपने घर यानी बाँबी की तरफ़ जा
मगर तभी अचानक, उनमें से एक चींटी को पुराने बलूत के पेड़ के नीचे एक बड़ी, रसीली रसभरी
मगर जैसे ही वे रसभरी के चारों ओर खड़े हुए, उन्हें पेड़ के तने के पास नीचे से कदमताल करते हुए नन्हे कदमों की आवाज़
अब ये तो सभी जानते हैं कि काली चींटियों और लाल चींटियों में दोस्ती नहीं है। काली चींटियाँ ईमानदारी से काम करती हैं, अपना घर यानी बाँबी बनाती हैं और अपनी रानी को खिलाती हैं, जबकि लाल चींटियों को जंगल का डाकू
यूँ तो काली चींटियाँ शांत स्वभाव वाली होती हैं, मगर इस रसभरी के लिए वे बहादुरी से लड़ने लगीं। वैसे तो लाल चींटियाँ गिनती में ज़्यादा थीं, लेकिन वे एक टीम की तरह काम नहीं कर रही थीं, इसलिए उनकी ताकत कम पड़ने लगी। काली चींटियाँ लड़ाई
उन्होंने तुरंत किसी तरह से रसभरी को अपने कंधों पर उठाया और इससे पहले की डाकू उन पर हमला करते, वहाँ से भाग गईं। एक बार जब वे अपने घर पर पहुँच गईं, तो रानी के लिए यह तोहफ़ा लाने वाली बहादुर चीटियों को इनाम दिया गया। रात को अच्छा खाना खाकर, फिर वे सभी सोने चली गईं।
मगर उस रात,…