Pavol Dobsinsky
सुनहरा धागा
हैना की मां का घमंड एक आलसी लेकिन साहसी लड़की को मुश्किल स्थिति में डाल देता है, उसे सोना बुनना सीखना होगा। किस्मत से, एक रहस्यमय बौना उसकी मदद करता है। लेकिन वह अपनी मदद के लिए बहुत ज्यादा कीमत मांगता है।


बहुत समय पहले
हर सुबह वे इसी उम्मीद में उठते थे कि शायद आज उनका सपना पूरा हो जाएगा, कि उनके घर एक नन्हा फ़रिश्ता आएगा, जिसे वो दिल से प्यार करेंगे।
एक दिन रानी उदास मन से बग़ीचे में टहल रही थीं और शाही मेंढकों की टर्र-टर्र सुन
अचानक, झील के एक मेंढक ने टर्राकर कहा, "तुम्हारी ख़्वाहिश पूरी होगी। एक साल के अंदर तुम्हारे यहाँ एक प्यारी सी
और ठीक एक साल बाद, रानी को एक नन्ही सी
जैसा कि रिवाज था, उस दावत में परियों को ज़रूर बुलाना
जश्न वाले दिन पूरे राज्य में ख़ुशियों की लहर थी। हर तरफ़ हँसी-ठिठोली हो रही थी, यहाँ तक कि महल के नौकर भी गलियारों में सीटी बजाते फिर
दावत में इतना सारा लज़ीज़ खाना था कि मेज़ें उसके वज़न से चरमरा
आधी रात को परियाँ राजकुमारी मैरिएन के लिए अपनी…