पहाड़ों के बीच कहीं दूर, जहाँ पेड़ आपस में लगातार धीमी आवाज़ में बात करते रहते हैं, वहाँ एक प्यारा सा घास का मैदान है। उस मैदान में अलग-अलग आकार और रंगों के हर तरह के सुंदर फूल हैं। वहाँ एक कलकल करती एक छोटी नदी भी है जो तितलियों और सोनपंखी कीटों यानी लेडीबर्ड को ताज़ा पानी देती है। उस घास के मैदान में, सारे पौधे और कीड़े-मकोड़े आपस में मिल-जुलकर रहते हैं।
एक दिन, एनी नाम की एक सोनपंखी उस मैदान में आई। वह अभी हाल ही में अंडे से निकली थी, लेकिन एनी को अपने आस-पास की दुनिया के बारे में बहुत जिज्ञासा थी। वह फूलों और कलकल करती नदीं को देखने लगी। जल्दी ही उसे एक सुखद गरमाहट महसूस हुई जो कहीं ऊपर से आ रही थी। उसने आसमान की ओर देखा और वहाँ उसे एक बहुत बड़ी चमकती हुई गेंद दिखी।
“तुम कौन हो और क्या करते हो?” एनी ने पूछा। देखो, वह अभी बहुत छोटी सोनपंखी थी और उसे अभी दूसरों से ठीक से बात करना नहीं आता था।
“मैं आसमान में चमकने वाला सूरज हूँ,” उस चमकदार गेंद ने जवाब दिया, और अपनी मुलायम, गरम किरणों से सोनपंखी के नाज़ुक पंखों को सहलाया।
“तुम्हारी कोई चमक-वमक नहीं है! चमकने वाली तो मैं हूँ! मेरा नाम है एनी सोनपंखी यानी लेडीबर्ड! तुम तो बस आसमान में एक बेवकूफ सी पीली गेंद हो!” सोनपंखी चिल्ला उठी, और गुस्से में अपने छोटे-छोटे पैर पटकने लगी।
यह सुनकर आसमान में बैठा सूरज चौंक गया। इतनी छोटी सोनपंखी कीट और इतनी बदतमीज! “नन्ही सोनपंखी, अगर तुम मुझसे इतनी बदतमीज़ी से बात करोगी, तो मुझे भी दिखाना पड़ेगा कि मैं तुम्हें सबक सिखाने के लिए क्या कर सकता हूँ!” सूरज ने सख़्ती से कहा। वह तुरंत गरम होने लगा, जिससे सारे फूलों ने अपने रंग-बिरंगे सिर…