

वसंत ऋतु का आगमन लगभग हो
शार्लेट और उसकी माँ पूरे उद्यान में इधर-उधर घूमती रहीं और फिर घर की ओर लौटने लगीं। तभी माँ ने शार्लेट की आँखों पर ध्यान दिया — वे लाल और निर्जीव सी दिखाई दे रहीं थीं, और लग रहा था जैसे उसका सारा उत्साह और ऊर्जा पूरी तरह खत्म
घर पहुँचते ही शार्लेट ने अपनी जैकेट उतारी और हाथ धोते हुए कहा, “मैं थोड़ी थक गई हूँ, मेरा सिर दर्द कर रहा है। मैं थोड़ी देर के लिए लेटने जा रही हूँ।”
चिंतित होकर उसकी माँ ने उसके कंधे पर हाथ फेरा। उन्होंने महसूस किया कि शार्लेट का
“ओह मेरी प्यारी बच्ची, तुम्हें बुख़ार है। थर्मामीटर के अनुसार तुम्हारा बुख़ार 39 डिग्री सेल्सियस (102.2 फ़ारेनहाइट) से भी ज़्यादा है। मैं तुम्हारे लिए दवा लाती हूँ, फिर तुम आराम से लंबी नींद
शार्लेट को अच्छी तरह नींद नहीं आई, और जब वह जागी तो उसके पेट में खुजली हो रही थी। पहले तो उसने खुजलाने का सोचा, लेकिन जब उसने अपने पेट को छुआ तो उसे बहुत सारे छोटे-छोटे दाने
तभी उसकी माँ …