

एक खरगोश
खरगोश दिशा बदलता रहा और खेत की रुकावटों को पार करता रहा ताकि वह जितना हो सके चील का शिकार बनने से बच पाए। वह इस तरफ दौड़ा, उस तरफ भागा, और बचने की कोशिश करता रहा।
मगर फिर भी, वह चील की पकड़ से बच नहीं सका और जल्द ही उस पक्षी ने उसे अपने विशाल पंजों
इस सब के दौरान, एक छोटा लाल कीड़ा दूर से उन्हें देख रहा था। वह बहुत समय से खरगोश का दोस्त था और उन्होंने आपस में एक-दूसरे की रक्षा करने का वादा भी किया था। हालाँकि खरगोश कभी सोच भी नहीं सकता था कि इतना छोटा कीड़ा उसकी रक्षा कैसे करेगा। लेकिन अब समय आ गया था कि कीड़ा अपनी ताकत दिखाए।
उसने बादलों में उड़ती चील की ओर ज़ोर से
चील सिर्फ हँसी। उसका तो खरगोश को ज़िंदा छोड़ने का कोई इरादा था ही नहीं। छोटा सा कीड़ा ग़ुस्से से भर गया। वह उस पेड़ तक गया जहाँ चील का घोंसला था, वह पूरी ऊँचाई तक चढ़ा और जब चील आसमान में खरगोश को लेकर उड़ रही थी तो उसने डाल से उस चिड़िया…